खुशी और दुख


जब तक हम जिंदा हैं तब तक हम खुशी को और दुख को अनुभव करते हैं । खुशी एक अहसास है जिस को पाने के लिए इंसान दुख से गुजरता है । हर किसी के बस की बात नहीं जो दुख मे खुद को इस आशा से खुद को खुश कर लेता ह की ये सब के बाद खुशी मिल ही जायेगी । कई बार ऐसा होता है की ये सफर बहुत लंबा हो जाता है। उस समय जो साथ खड़ा रहता है वो ही अपना है। इस समय ज्यादा लोग आप के पास नही होंगे । कुछ ही साथ होंगे जब ये सफर पूरा हो जाएगा और हम को खुशी मिल जायेगी तो अचानक सब आप के पास होंगे । आप का जो सफर रहा है उस को आप से बेहतर कोन जानेगा एक खुशी पाने के लिए कितना दुखभरा सफर तय किया है आप के अलावा कोई नहीं जान सकता ।क्या पता ये सफर बहुत लंबा हो सकता था लेकिन ये भी तो सच है सबसे ज्यादा खुश भी तो आप है। छोटी छोटी खुशी में भी मुस्कुराना भी चाहिए क्या पता कोई इतना भी खुश ना हो जितना आप है ।दोनो ही पल जीना ही जिन्दगी है।।

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